विराज जोशी १ ऋत्विक घोषाल एक ऐसे लेखक थे जिनकी आँखों में नींद नहीं, बल्कि पुराने … टेप रिकॉर्डरRead more
Hindi
कंचनपुर की पिशाचनी
शैलेश पटनायक १ बिहार के सुपौल जिले के पूर्वी छोर पर बसा था कंचनपुर गांव — … कंचनपुर की पिशाचनीRead more
गढ़वाल का मेहमान
संजीव रावत १ गढ़वाल की घाटियों में शाम जल्दी उतरती है। सूरज के ढलते ही पहाड़ियों … गढ़वाल का मेहमानRead more
खामोश गवाह
अनिरुद्ध राजन मिश्रा वाराणसी की तंग गलियों में वो रात कुछ ज्यादा ही खामोश थी, जैसे … खामोश गवाहRead more
एक रूम, दो दिल
दिव्या कपूर १ बैंगलोर की हल्की बारिश वाली उस सुबह रीमा सेन ने एक हाथ में … एक रूम, दो दिलRead more
बारिश की वो बात
आरोही वर्मा वो जुलाई की पहली बारिश थी। दिल्ली की सड़कों पर धूल धुल रही थी … बारिश की वो बातRead more
गुलाबी दुपट्टा
ईशा पांडेय १ दिल्ली की एक उमस भरी दोपहर थी। चारों ओर ट्रैफिक का शोर, कारों … गुलाबी दुपट्टाRead more
खून की होली
अशोक वर्मा एक रामपुर चकिया की संकरी गलियाँ उस दिन रंगों से भरी हुई थीं। हर … खून की होलीRead more
पैतालगाँव की पुकार
सौरभ ठाकुर १ छत्तीसगढ़ की पहाड़ियों और जंगलों के बीच बसे अनछुए रास्तों पर अनिरुद्ध घोष … पैतालगाँव की पुकारRead more
हुसैनाबाद हवेली का रहस्य
प्रताप श्रीवास्तव १ लखनऊ विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी की सबसे ऊपरी मंज़िल पर, जहाँ किताबों पर धूल … हुसैनाबाद हवेली का रहस्यRead more
पिंजरे की लड़की
तृषा मिश्रा १ दिल्ली की भीड़भाड़ और धूल-धक्कड़ भरी गलियों से निकलकर जब डॉ. वेदिका माथुर … पिंजरे की लड़कीRead more
साँझ के साए
शिवांगी वर्मा सूर्य अस्त होते-होते बनारस की गलियों में साँझ की परछाइयाँ उतरने लगी थीं, और … साँझ के साएRead more

