क्राइम कहानियाँ

  • काली स्याही

    काली स्याही

    दीपक आहुजा अध्याय १ – मौत की सुर्ख़ियाँ मुंबई की नीयन रोशनी वाली रातें हमेशा से ही रहस्यों को अपने भीतर छिपाए रहती हैं। वही शहर, जहां हर गली में किसी न किसी की कहानी दबी होती है, उसी शहर के बीचोंबीच एक आलीशान होटल की सातवीं मंज़िल पर अचानक हड़कंप मच गया था। होटल…

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  • रिवर्स काउंटडाउन

    रिवर्स काउंटडाउन

    सिद्धार्थ महाजन १ मुंबई की उस रात की हवा में बारिश की गंध कुछ अलग थी—एक ऐसी नमी जो सिर्फ मौसम की नहीं, बल्कि आने वाले तूफ़ान का संकेत दे रही थी। शाम से ही लगातार बरसते पानी ने मरीन ड्राइव की चमकदार सड़क को आईने जैसी चिकनी सतह में बदल दिया था। अरब सागर…

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  • सात कदम

    सात कदम

    बनारस की तंग और घुमावदार गलियाँ जैसे अपने भीतर सदियों का इतिहास समेटे खड़ी थीं, जिनमें सुबह-सुबह की गंगा आरती की घंटियों की आवाज़ और अगरबत्तियों की महक हवा में तैरती रहती थी। लेकिन उस दिन की सुबह इन गलियों पर एक अजीब सन्नाटा छाया हुआ था। सूरज की पहली किरणें जैसे ही पुराने कच्चे…

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  • खामोश शहर

    खामोश शहर

    समीर वर्मा एपिसोड 1: धुंध में चीख कोलकाता की सड़कों पर सर्दियों की धुंध इस क़दर छाई थी कि सामने चल रही पीली टैक्सी का पिछला नंबर प्लेट तक साफ़ दिखाई नहीं दे रहा था। हावड़ा ब्रिज की रोशनी उस धुंध को काटने की कोशिश कर रही थी, मगर हर रोशनी धुंध में घुलकर जैसे…

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  • सफ़ेद सोना

    सफ़ेद सोना

    राघव सक्सेना १ दिल्ली की चकाचौंध और भीड़भाड़ से दूर, शहर के एक नामी-गिरामी प्राइवेट अस्पताल की चमकती इमारतें अक्सर बाहर से किसी पाँच सितारा होटल जैसी लगती थीं। बड़े-बड़े शीशे, सफ़ेद यूनिफ़ॉर्म में सजे कर्मचारी, कॉफ़ी की खुशबू और एसी से छनकर आती ठंडी हवा… इन सबके बीच डॉ. आरव मेहता अपने इंटर्नशिप के…

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  • खून का सौदा

    खून का सौदा

    अमितेश ठाकुर एपिसोड 1 — बारिश की गवाही रात की बारिश समंदर से उठी हवा में नमक घोल रही थी। सिवरी के जर्जर डॉक पर पीली रोशनी के नीचे धरती काली चमकती थी, जैसे किसी ने डामर पर तेल उँडेल दिया हो। कंटेनर नंबर 7C-319 की मुहर टूटते ही लोहे की चरमराहट से हवा काटती…

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  • नीली फाइल

    नीली फाइल

    आकाश बर्मा १ लखनऊ की उस सुबह में गली के दरवाज़े बंद थे, खिड़कियों के पर्दे आधे खींचे हुए, और लोगों के चेहरे पर अजीब-सा सन्नाटा पसरा हुआ था। सूरज की पहली किरणें जब पुरानी हवेली जैसे बने मकानों की दीवारों से टकराईं, तभी एक चीख ने पूरे मोहल्ले की नींद तोड़ दी। चीख घर…

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  • डिलीवरी कोड

    डिलीवरी कोड

    १ बारिश की हल्की बूँदें बेंगलुरु की सड़कों पर नाचती हुई बह रही थीं। रात लगभग साढ़े बारह बज रहे थे और सड़कें दिनभर के ट्रैफिक के बाद अब शांत थीं, बस कहीं-कहीं गाड़ियों की हेडलाइट्स और चाय की दुकानों की मद्धम रोशनी दिख रही थी। आर्यन मल्होत्रा अपनी पुरानी लेकिन भरोसेमंद स्कूटी पर सवार,…

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  • ब्लैक रिवर केस

    ब्लैक रिवर केस

    अभिनव सेठ १ गंगा किनारे बसे उस कस्बे की सुबह हमेशा शांति और प्रार्थना से शुरू होती थी। मंदिर की घंटियों की ध्वनि, घाट पर उठता धुआँ, और पानी में उतरती नावों की आवाज़ें मानो जीवन का हिस्सा थीं। लेकिन उस दिन सूरज की पहली किरणें अभी पूरी तरह फैली भी नहीं थीं कि घाट…

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  • खून से लिखी वसीयत

    खून से लिखी वसीयत

    १ ठाकुर अजय प्रताप सिंह अपने इलाके के सबसे चर्चित और सम्मानित जमींदार थे। जीवन की ढलती उम्र में भी उनकी आवाज़ और व्यक्तित्व में वही रौब था जो युवावस्था में दिखता था। विशाल हवेली, लंबा-चौड़ा बगीचा, दर्जनों नौकर और जमीन-जायदाद के अनगिनत कागजात—सब कुछ मानो उनकी शख्सियत का विस्तार थे। लेकिन उस रात हवेली…

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  • काला लैम्पपोस्ट

    काला लैम्पपोस्ट

    ऋषभ शर्मा १ दिल्ली के उत्तरी हिस्से में एक ऐसा इलाका है जिसे लोग अब बस “पुराना औद्योगिक क्षेत्र” कहकर पुकारते हैं। कभी यहाँ कारख़ानों की कतारें थीं, मशीनों की आवाज़ और मजदूरों की भीड़ से गली-गली गूंजती रहती थी, लेकिन अब सब कुछ खंडहर में बदल चुका है। टूटे हुए शटर, जंग लगे बोर्ड,…

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  • खून से लिखा ख़त

    खून से लिखा ख़त

    पवन कुमार शाह इलाहाबाद शहर की तंग गलियों के बीचोंबीच बसा हुआ वह पुराना डाकघर बरसों से अपनी जगह पर वैसे ही खड़ा था जैसे समय ने उसे भुला दिया हो। चारों ओर से छिल चुकी पपड़ी वाली दीवारें, जंग खाए लोहे के गेट और मकड़ी के जालों से भरे छज्जे इस इमारत की थकान…

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