आरव चौबे सुबह की चाय जैसे यमुना के पानी में उगता सूरज घोल देता है—गुनगुना, धुएँ-सा। … मथुरा मोड़Read more
Hindi
शर्मा जी का नया फोन
मयंक श्रीवास्तव दुकान से घर तक का सफ़र शर्मा जी वैसे तो बिल्कुल सीधेसादे इंसान थे, … शर्मा जी का नया फोनRead more
बरगद का वादा
१ गाँव से ज़रा हटकर, कच्ची पगडंडी के किनारे, खेतों और बंजर ज़मीन के बीच खड़ा … बरगद का वादाRead more
नासिक का शिकारी
आदित्य राणे जंगल की चेतावनी नासिक की सुबहें अंगूर के बाग़ों और पहाड़ियों की धुंध से … नासिक का शिकारीRead more
छोटे-छोटे सुख
आरव मिश्रा भाग 1 – परिचय रामू की सुबह बाकी लोगों से बहुत अलग नहीं … छोटे-छोटे सुखRead more
काशी की अधूरी लाशें
अभय वशिष्ठ अध्याय १ वाराणसी की सुबहें अक्सर गंगा आरती की गूंज, शंखनाद और मंत्रोच्चार से … काशी की अधूरी लाशेंRead more
गुमशुदा दुल्हन
अमृता वीर १ पंजाब का छोटा-सा कस्बा उस दिन रोशनी और संगीत से जगमगा रहा था। … गुमशुदा दुल्हनRead more
शिकारी और शिकार
आकाश गुप्ता १ भोपाल की रात उस रोज़ असामान्य रूप से सन्नाटेदार थी। बरसात अभी-अभी थमी … शिकारी और शिकारRead more
राख से रोशनी
समीर चौहान भाग 1 — शुरुआत का सपना लखनऊ की पुरानी गलियों में सर्दी की धूप … राख से रोशनीRead more
ठाकुर का आख़िरी भोज
१ अगस्त की उमस भरी दोपहर थी, जब हवेली के पुराने दरवाज़े पर पीतल की घंटी … ठाकुर का आख़िरी भोजRead more
कच्छ की चांदनी
अनुपमा राजपूत १ दिल्ली की ठंडी, धुंधभरी सुबह में जब हवाई जहाज़ ने उड़ान भरी, तो … कच्छ की चांदनीRead more
कालीन की नज़रों वाला घर
१ कर्नाटक के एक पुराने शहर में अर्जुन वर्मा और उनकी पत्नी नैना वर्मा अपने बेटे … कालीन की नज़रों वाला घरRead more

