अभिराज गुप्ता भोपाल की कोचिंग स्ट्रीट पर शाम ढलते ही भीड़ उमड़ने लगती है। सड़क के … कुरकुरे और कविताRead more
Hindi
नीली चूड़ियों की आवाज़
सोनल शर्मा पहली रात बसेरिया में प्राची मिश्रा की कार धूल उड़ाती हुई जब बसेरिया गांव … नीली चूड़ियों की आवाज़Read more
सियाही का खून
माधुरि वर्मा १ लखनऊ की हल्की बारिश में भीगता शहर उस शाम असहज सन्नाटे में डूबा … सियाही का खूनRead more
लौट चलें हेमकुंड
निशा अरोरा एक दिल्ली के उस सुबह की धूप बेहद सामान्य थी—उजली, लेकिन भावना से शून्य। … लौट चलें हेमकुंडRead more
मसान की दुल्हन
तपन मिश्रा वाराणसी का स्टेशन, सुबह की भीड़, लाउडस्पीकर पर गूंजती announcements, और हवा में फैली … मसान की दुल्हनRead more
काँच का घर
सुनिधि पटेल १ सुबह के साढ़े छह बज रहे थे। शिवानी अपने छोटे से रसोईघर में … काँच का घरRead more
शिवमंदिर के पीछे
शिवानंद पाठक कोल्हापुर की घाटियों से गुजरती जीप धूल उड़ाते हुए चिखली गाँव की सीमा में … शिवमंदिर के पीछेRead more
उस रात जब चाँद मुस्कुराया
वेदिका शर्मा बमुश्किल शाम के साढ़े सात बजे होंगे जब आयरा सेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन … उस रात जब चाँद मुस्कुरायाRead more
धागों के उस पार – एक रामेश्वरम यात्रा
नीलय मेहता अनिरुद्ध सेनगुप्ता ने स्टेशन पर रुकती उस ट्रेन को देखा तो कुछ देर तक … धागों के उस पार – एक रामेश्वरम यात्राRead more
श्रीवास्तव जी की ऑनलाइन शॉपिंग
अयन त्रिपाठी श्रीवास्तव जी की सुबह हमेशा की तरह अख़बार और चाय से शुरू हुई, लेकिन … श्रीवास्तव जी की ऑनलाइन शॉपिंगRead more
चौथी मंज़िल वाले चमनलाल
रंजन मिश्रा भाग 1: व्हाट्सऐप वार “चमनलाल जी ने फिर ग्रुप पर पोस्ट कर दिया—’कल रात … चौथी मंज़िल वाले चमनलालRead more
त्रयलोक-समय यंत्र
प्रमोद कुमार १ मध्यप्रदेश के सिंगनामा गाँव की सूखी, तपती ज़मीन पर जून की दोपहर भी … त्रयलोक-समय यंत्रRead more

