अनिकेत तिवारी सुबह की भीड़भाड़ भरी दिल्ली, उसकी चिल्ल-पों और भागती ज़िंदगी की आवाज़ें जब भी … वापसी की राहRead more
Hindi
संगीत के उस पार
आकाश वर्मा १ मुंबई की बारिशें जैसे पूरे शहर को धो डालती थीं, वैसे ही कभी-कभी … संगीत के उस पारRead more
भूतहिया कुआँ
अनामिका चौधरी पटना यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में उस दिन कुछ अजीब सा सन्नाटा था। रीतू ने … भूतहिया कुआँRead more
पृथ्वी 2.0
राजेश कुमार दास 2094 की वह शाम बाकी शामों से अलग थी। सूरज का अस्तित्व अब … पृथ्वी 2.0Read more
सत्ता के साये में
कविता मेहरा भाग १ दिल्ली की सर्द सुबहें हमेशा कुछ छुपाए रखती हैं। कोहरे में लिपटी … सत्ता के साये मेंRead more
१३ वीं मंज़िल
सम्वित शर्मा अध्याय १: एक और गिरावट बारिश की एक भारी रात थी, जब मुंबई की … १३ वीं मंज़िलRead more
दिल्ली मेट्रो का मुसाफिर
मिताली गुप्ता १ दिल्ली की सुबहें कुछ अलग नहीं होतीं — ट्रैफिक का शोर, भागती हुई … दिल्ली मेट्रो का मुसाफिरRead more
EMI का महा-भंवर
संजीव मिश्रा भाग 1: किशोरलाल की किस्त-कथा किशोरलाल गुप्ता, उम्र लगभग 43 साल, पेशे से एक … EMI का महा-भंवरRead more
दोपहर की खिड़की
सौरभ मेहता भाग १ शहर की उस पुरानी गली में जहाँ मकानों की छतें एक-दूसरे के … दोपहर की खिड़कीRead more
न्याय की आख़िरी दस्तक
समीर त्रिपाठी भाग 1: एक लाश, एक सवाल बारिश की बूंदें जैसे अदालत की खिड़कियों से … न्याय की आख़िरी दस्तकRead more
पीपल का शाप
शक्कर रञ्जन महापात्र जब बप्पा भानगढ़ी गाँव पहुँचा, तो आसमान धूसर था और धूप जैसे छिप … पीपल का शापRead more
ক্যালেন্ডারের বাইরের দিনগুলো
তিস্তা বন্দ্যোপাধ্যায় পর্ব ১: প্রথম ইমেল সকালটা শুরু হয়েছিল একেবারে নির্লিপ্তভাবে। স্নান, ব্রেকফাস্ট, মেট্রো, আর তারপর … ক্যালেন্ডারের বাইরের দিনগুলোRead more

