• Hindi - प्रेतकथा

    पंचम गली की आत्मा

    नवनीत मिश्रा बनारस के घाटों से दूर, पुराने शहर के भीतर एक मुड़ी-तुड़ी सी गलियों की भूलभुलैया में बसी थी पंचम गली — एक ऐसी जगह जो शहर के नक्शे में शायद दर्ज भी न हो, पर लोगों की यादों में सदी भर की कहानियाँ समेटे जीवित थी। यहीं पोस्टिंग हुई थी सब-इंस्पेक्टर अर्पित चौधरी की। अपने कंधों पर सख्त बूटों की टकटक, आँखों में यकीन और जेब में पिता का पुराना कम्पास लिए, अर्पित ने पहली बार उस गली में कदम रखा था जब दिन उतरकर संध्या की बाँहों में समा चुका था। गली की हवा में एक अजीब…

  • Hindi - प्रेम कहानियाँ

    दियों के बीच मोहब्बत

    सात साल के बाद भारत की ज़मीन पर पैर रखते ही अनुपम को एक अजीब-सी गरमाहट महसूस हुई, जैसे किसी पुराने स्वेटर को फिर से पहन लिया हो। एयरपोर्ट से निकलते ही चिलचिलाती धूप और खस्ता ट्रैफिक ने उसे भले ही हल्का सा चौंका दिया हो, पर दिमाग कहीं और था — उन गलियों की ओर जहाँ बचपन के दिन खिलखिलाते थे, जहाँ दादी बिना नागा रोज़ शाम को दीया जलाती थीं, और जहाँ दिवाली एक त्यौहार नहीं, एक एहसास हुआ करता था। टैक्सी की खिड़की से बाहर झाँकते हुए वह हर नुक्कड़, हर पेड़, हर पोस्टर में कोई न…

  • Hindi - कल्पविज्ञान

    विकृति की छाया

    आकाश देशमुख  “नई शुरुआत” पृथ्वी, साल 2085। जलवायु परिवर्तन ने संसार को नष्ट करने की कगार पर ला खड़ा किया था। ग्लेशियरों के पिघलने और महासागरों के बढ़ते जल स्तर ने समस्त मानवता को एक अपार संकट में डाल दिया था। कुछ ही सालों में, बड़े-बड़े शहरों में जीवन जीना लगभग असंभव हो चुका था। प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, और अत्यधिक जनसंख्या के दबाव ने मनुष्य की जीवित रहने की क्षमता को बहुत ही कठिन बना दिया था। यह दुनिया एक अनिश्चितता से घिरी हुई थी, जहाँ हर कोई अपनी सुरक्षा और अस्तित्व की तलाश में था। इन सभी संकटों के…

  • Hindi - क्राइम कहानियाँ - रहस्य कहानियाँ

    बीबी का मक़बरा: अधूरी मोहब्बत का ख़ून

    रागिनी शुक्ला १ औरंगाबाद की सर्द रात की हवा में एक अजीब सी खामोशी पसरी हुई थी, जैसे इतिहास की परतों में दबी कोई अनकही दास्तान सांस रोके खड़ी हो। बीबी का मक़बरा अपने जमे हुए सौंदर्य के साथ अंधेरे में भी चमक रहा था, उसकी संगमरमर की दीवारों पर चाँदनी बिखरी हुई थी और चारों ओर खामोश दरख़्तों की कतारें स्याह साए सी लग रही थीं। उस रात मक़बरे के प्राचीन दरवाज़ों के पीछे किसी को भी भनक नहीं थी कि वहाँ मौत दस्तक देने वाली है। आयशा खान, एक युवा पत्रकार जो दिल्ली से आई थी, इसी मक़बरे…

  • Hindi - प्रेम कहानियाँ

    तेरे नाम की एक शाम

    समीरा खान पहला भाग: वो शाम कुछ अलग थी दिल्ली की शामों में एक अजीब सी बात होती है। भीड़भाड़, ट्रैफिक, और गाड़ियों के हॉर्न के शोर के बीच भी कभी-कभी एक ऐसी ख़ामोशी उतरती है जो सीधे दिल तक पहुँचती है। ऐसा लगता है जैसे शहर थम सा गया हो, बस एक धीमा संगीत बचा हो – सड़क पर चलते लोगों के कदमों की थाप, कॉफी शॉप से आती भुनी हुई बीन्स की ख़ुशबू, और हवा में घुली एक अनकही बेचैनी। उस शाम भी कुछ ऐसा ही था – सिर्फ़ थोड़ा और खास। मैं, आरव मलिक, एक साधारण सा…

  • Hindi - हास्य कहानियाँ

    दिलचस्प दफ़्तर

    विशाल कुमार बड़ा कागज संकट ऑफिस के माहौल में एक हलचल थी। Hopeful Hearts की छोटी सी टीम किसी न किसी वजह से हमेशा उधड़ी रहती थी। आज ऑफिस का एक नया दिन था, और जैसे ही अर्विंद, ऑफिस के मैनेजर, ने दरवाजा खोला, उसे एक चिठ्ठी मिली जो सीधे विनोद सर के केबिन से आई थी। “सर्वेक्षण रिपोर्ट के लिए सभी कागज़ों को एकजुट करो!” यह संदेश था। अर्विंद ने सोचा कि इस दिन का काम तो बस चुटकियों में निपट जाएगा। लेकिन, जब उसे यकीन हो गया कि रिपोर्ट का काम करना होगा, तो उसने इस चिठ्ठी का…

  • Hindi - क्राइम कहानियाँ

    नकाबपोश राघव अग्रवाल

    राघव अग्रवाल अध्याय 1: पहला पर्दा गिरा मुंबई के कोलाबा स्थित प्रसिद्ध रंगमंच “रंगदीप” की दीवारों पर हल्की सी सीलन की परत थी, पर भीतर माहौल हमेशा जीवंत और रचनाशील रहता था। उस शाम भी, मंच पर एक नया नाटक “अंधेरे के चेहरे” का अभ्यास चल रहा था। लेकिन इस बार, मंच पर सिर्फ अभिनय नहीं, असली मौत भी छिपी थी। जैसे ही अंतिम दृश्य के संवाद गूंजे और रोशनी मद्धम हुई, प्रकाश लौटने पर दृश्य ठहर गया—कलाकार विवेक माथुर, जो नाटक का मुख्य पात्र था, स्टेज पर लुढ़का पड़ा था। पहले तो सबने सोचा ये प्रदर्शन का हिस्सा है, लेकिन…

  • Hindi - प्रेतकथा - प्रेम कहानियाँ

    पूर्णिमा की रात

    श्रुति चतुर्वेदी अध्याय १: चाँदनी और लोककथा कुमाऊँ की पहाड़ियों में बसा वह छोटा सा गाँव अपनी ठंडी हवाओं, चीड़ के ऊँचे-ऊँचे वृक्षों और सदियों पुरानी लोककथाओं के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध था। बरसों से बुजुर्गों की कहानियों में एक रहस्य जिंदा था—पूर्णिमा की रात एक सफेद साड़ी में लिपटी औरत की परछाईं तालाब की ओर जाती दिखती थी, जिसके होठों पर एक उदास लोकधुन होती थी। गाँव के बच्चों को पालने की कहानियों में, जवानों को चेतावनी के रूप में और बूढ़ों के डरावने अनुभवों में यह परछाईं बार-बार आती थी। कहते थे, जो भी उस गीत के पीछे…

  • Hindi - प्रेम कहानियाँ

    कॉफी मशीन के पास मोहब्बत

    कविता अग्रवाल भाग 1: कॉफी मशीन के पास ऑफिस की सातवीं मंज़िल पर हर सुबह नौ बजकर पैंतालीस मिनट पर कॉफी मशीन के पास एक तयशुदा सी हलचल होती थी। मशीन की टन-टन की आवाज़, प्लास्टिक के कपों की हल्की खनखनाहट और थोड़ी-सी सुबह की थकान लिए लोग—इन सबके बीच आकांक्षा का आना किसी नियम की तरह था। सफेद कुर्ते और नीली जींस में वो आती, मशीन के पास खड़ी होकर कॉफी का बटन दबाती, और जब तक मशीन गुनगुना कर उसके लिए गर्म कॉफी गिराती, वो अपनी नीली डायरी में कुछ लिख लेती। उसी वक्त पहली बार आदित्य ने…

  • Hindi - हास्य कहानियाँ

    किश्तों में शादी

    नरेश चतुर्वेदी पहला भाग: उधारी के सूट से शुरू हुआ रोमांस रमेश कुमार चौबे एक साधारण लेकिन महत्वाकांक्षी युवक था, जो इलाहाबाद की एक पुरानी किराये की कोठी में रहता था जहाँ दीवारों से पपड़ी गिरती थी और छत से कबूतर। लेकिन उसके सपनों की कोई सीमा नहीं थी। वह हर इतवार को बालों में नारियल तेल लगाकर आइने के सामने “शाहरुख खान स्टाइल” में बाल झटकता और सोचता, “एक दिन मैं भी शादी करूंगा… पर किस्तों में।” असल में, रमेश का मानना था कि जीवन में कुछ भी कैश में नहीं लेना चाहिए – चाहे वो मोबाइल हो, फ्रिज…