दीपक मिश्रा विकास मुख़र्जी ने अपने जीवन में कई बार खुद को चुनौती दी थी, लेकिन … साहसिक यात्रा: बर्फ़ीली राहों परRead more
Hindi
पल दो पल की बात नहीं थी
श्रेयांशी वर्मा फिर से देखना वाराणसी की वो दोपहर वैसी ही थी जैसी होती है—धूल भरी, … पल दो पल की बात नहीं थीRead more
मिर्ज़ापुर के पत्थर
मयंक दुबे मिर्ज़ापुर की सुबहें शांत दिखती थीं, लेकिन ज़मीन के नीचे खदबदाता था कुछ ऐसा … मिर्ज़ापुर के पत्थरRead more
रक्त कमल
मालविका नायर १ समुद्र की लहरों की निरंतर गूंज और उस पर खड़ा बेकल किला — … रक्त कमलRead more
उस रात जंतर मंतर पर
विराज देशमुख अध्याय १ दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस की सड़कें अगस्त की हल्की बारिश से … उस रात जंतर मंतर परRead more
गाथा एक चम्मच की
मधुश्री चौहान १ गाँव की सुबह में एक अलग ही सादगी होती है—न शोर, न भागदौड़, … गाथा एक चम्मच कीRead more
आत्म-खोज का सफर
शिवानी कश्यप इशा रेड्डी अपने मुंबई स्थित उच्च-मूल्य वाले फ्लैट की खिड़की से बाहर देख रही … आत्म-खोज का सफरRead more
कुमाऊँ की हवाएँ
सान्या जोशी अदिति कपूर की ज़िन्दगी एक दौड़ बन चुकी थी। दिल्ली की व्यस्त सड़कों पर … कुमाऊँ की हवाएँRead more
नींद का इंजेक्शन
संध्या जोशी १ रात के ढाई बजे थे। मुंबई की हवा में उमस थी, लेकिन सिटी … नींद का इंजेक्शनRead more
अंतिम आरती
हिमाचल की घाटियों में दिसंबर की रातें कुछ अलग ही किस्म की सन्नाटे से भरी होती … अंतिम आरतीRead more
तेरा इंतज़ार
नवनीत तनेजा अध्याय १: “ख़ामोश दिल की रातें” रेडियो स्टेशन की हल्की पीली रौशनी में बैठी … तेरा इंतज़ारRead more
डब्बे के रास्ते
नवनीत विश्वास 1 हर सुबह जैसे मुंबई जागती है – गाड़ियों की आवाज़, लोकल ट्रेनों की … डब्बे के रास्तेRead more

