पल दो पल की बात नहीं थी
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पल दो पल की बात नहीं थी

श्रेयांशी वर्मा फिर से देखना वाराणसी की वो दोपहर वैसी ही थी जैसी होती है—धूल भरी, … पल दो पल की बात नहीं थीRead more

उस रात जंतर मंतर पर
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उस रात जंतर मंतर पर

विराज देशमुख अध्याय १ दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस की सड़कें अगस्त की हल्की बारिश से … उस रात जंतर मंतर परRead more

पूर्णिमा की रात
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पूर्णिमा की रात

श्रुति चतुर्वेदी अध्याय १: चाँदनी और लोककथा कुमाऊँ की पहाड़ियों में बसा वह छोटा सा गाँव … पूर्णिमा की रातRead more

कॉफी मशीन के पास मोहब्बत
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कॉफी मशीन के पास मोहब्बत

कविता अग्रवाल भाग 1: कॉफी मशीन के पास ऑफिस की सातवीं मंज़िल पर हर सुबह नौ … कॉफी मशीन के पास मोहब्बतRead more