शिवांगी वर्मा सूर्य अस्त होते-होते बनारस की गलियों में साँझ की परछाइयाँ उतरने लगी थीं, और … साँझ के साएRead more
क्राइम कहानियाँ
हवलदार की डायरी
मनीष कुमार तिवारी भोपाल की शाम में एक अजीब सी खामोशी थी, जैसे कोई पुरानी आवाज़ … हवलदार की डायरीRead more
धार्मिक भ्रम
विक्रम यादव राजस्थान के एक शांत और ऐतिहासिक मंदिर नगर विश्णुप्रिया की गलियों में सुबह की … धार्मिक भ्रमRead more
चुप रहो, वरना…
रश्मि सावंत नोएडा के पॉश सेक्टर में बने ‘एलिट वैली’ टावर की दसवीं मंज़िल पर सुबह … चुप रहो, वरना…Read more
रात की धुंध
विक्रम चतुर्वेदी दिल्ली की पुरानी गलियों में सर्दियों की रातें हमेशा से रहस्यमयी रही हैं, लेकिन … रात की धुंधRead more
मिर्ज़ापुर के पत्थर
मयंक दुबे मिर्ज़ापुर की सुबहें शांत दिखती थीं, लेकिन ज़मीन के नीचे खदबदाता था कुछ ऐसा … मिर्ज़ापुर के पत्थरRead more
नींद का इंजेक्शन
संध्या जोशी १ रात के ढाई बजे थे। मुंबई की हवा में उमस थी, लेकिन सिटी … नींद का इंजेक्शनRead more
माटी में दफन राज
अमिताभ वर्मा १ बघेलपुर गाँव की दोपहरें अक्सर आलस से भरी होती थीं, लेकिन उस दिन … माटी में दफन राजRead more
काले धब्बे
रश्मि वर्मा शालिनी वर्मा के कदम जैसे ही मुंबई की गलियों में पड़े, उसके मन में … काले धब्बेRead more
बीबी का मक़बरा: अधूरी मोहब्बत का ख़ून
रागिनी शुक्ला १ औरंगाबाद की सर्द रात की हवा में एक अजीब सी खामोशी पसरी हुई … बीबी का मक़बरा: अधूरी मोहब्बत का ख़ूनRead more
नकाबपोश राघव अग्रवाल
राघव अग्रवाल अध्याय 1: पहला पर्दा गिरा मुंबई के कोलाबा स्थित प्रसिद्ध रंगमंच “रंगदीप” की दीवारों पर … नकाबपोश राघव अग्रवालRead more
खेत में खून
प्रिया त्रिपाठी सुबह का वक्त था और गाँव में धुंध की हल्की परत अब भी खेतों … खेत में खूनRead more

