চারুলতা
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চারুলতা

ইশিতা রায়চৌধুরী এক কলকাতার দক্ষিণ শহরতলির এক বহুতল অ্যাপার্টমেন্টে বসে চারুলতা জানলার পাশে একটা নীলকাঠের চেয়ার … চারুলতাRead more

জলছবি শহর
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জলছবি শহর

সাম্য বন্দ্যোপাধ্যায় ১ রঞ্জনের সকালগুলো ছিল শব্দহীন কিন্তু জীবন্ত, এক টুকরো জলছবির মতো। ঘুম ভাঙতো কাদামাটির … জলছবি শহরRead more

साहसिक यात्रा: बर्फ़ीली राहों पर
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साहसिक यात्रा: बर्फ़ीली राहों पर

दीपक मिश्रा विकास मुख़र्जी ने अपने जीवन में कई बार खुद को चुनौती दी थी, लेकिन … साहसिक यात्रा: बर्फ़ीली राहों परRead more

पल दो पल की बात नहीं थी
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पल दो पल की बात नहीं थी

श्रेयांशी वर्मा फिर से देखना वाराणसी की वो दोपहर वैसी ही थी जैसी होती है—धूल भरी, … पल दो पल की बात नहीं थीRead more

मिर्ज़ापुर के पत्थर
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मिर्ज़ापुर के पत्थर

मयंक दुबे मिर्ज़ापुर की सुबहें शांत दिखती थीं, लेकिन ज़मीन के नीचे खदबदाता था कुछ ऐसा … मिर्ज़ापुर के पत्थरRead more

বালুচরের দিনগুলি
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বালুচরের দিনগুলি

মালবিকা সেনগুপ্ত   ঢাকার ধুলো-ধোঁয়া আর ট্র্যাফিকের চক্রব্যূহ পেরিয়ে যখন জয়িতা নামল মেঘনাঘাটের ছোট্ট ফেরিঘাটে, তখন … বালুচরের দিনগুলিRead more