मनोज नायक पहला अध्याय राकेश की ज़िंदगी की सुबह हमेशा की तरह उठी, लेकिन आज का … किस्तों में ज़िंदगीRead more
Hindi
एक सफर… खुद से मिलने का
रीनी शर्मा दिल्ली का जनवरी महीने का मौसम था। हल्की ठंड, कोहरे की चादर और भीड़-भाड़ … एक सफर… खुद से मिलने काRead more
रात की आहट
विवेक मिश्रा शाम के साढ़े पांच बजे का वक्त था। आसमान धीरे-धीरे नारंगी से जामुनी होता … रात की आहटRead more
कुंभ के मेले में खोया
अनिरुद्ध त्रिपाठी जनवरी की ठंडी सुबह थी। कुंभ मेले का शोर हर दिशा में गूंज रहा … कुंभ के मेले में खोयाRead more
तेरे नाम सा कुछ…
शर्मिष्ठा दीक्षित दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में नए सत्र की चहल-पहल थी। अगस्त की उमस … तेरे नाम सा कुछ…Read more
समय के पर
हिमांशु वर्मा १ डॉ. समीर वर्मा के लिए विज्ञान सिर्फ एक पेशा नहीं था—वह उनका जुनून … समय के परRead more
अपराध की छाया
रवि शर्मा 1 शहर के बाहरी इलाके में एक वीरान मकान था, जिसके चारों तरफ कंटीली … अपराध की छायाRead more
परछाई की साजिश
अध्याय 1: आगमन वाराणसी, प्राचीनता की जीवित परिभाषा। गंगा की गोद में बसी यह नगरी, समय … परछाई की साजिशRead more
बरसात की वो शाम
स्वप्निल वर्मा दिल्ली की वो शाम बेहद भीगी हुई थी। जून का आख़िरी हफ्ता था और … बरसात की वो शामRead more
टाइम मशीन वाला लड़का
निहारिका शर्मा आठवीं कक्षा का छात्र अंशुल एक सामान्य लड़का था — न बहुत होशियार, न … टाइम मशीन वाला लड़काRead more
अल्लाहाबाद की पतंगें
अमूलिक त्रिपाठी संगम के आकाश में संगम नगरी इलाहाबाद की सुबहें कुछ अलग होती हैं। जब … अल्लाहाबाद की पतंगेंRead more
कागज़ की नाव
राजेश मिश्रा पहली बारिश सिवानपुर एक छोटा-सा गाँव था, जहाँ हर मौसम अपने पूरे रंग लेकर … कागज़ की नावRead more

