वो बारिश की आखिरी बूँद
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वो बारिश की आखिरी बूँद

अन्वी शर्मा मसूरी की वादियाँ उस दिन कुछ ज़्यादा ही ख़ामोश थीं। हल्की बारिश की बूँदें … वो बारिश की आखिरी बूँदRead more

बड़े बाबू का चश्मा
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बड़े बाबू का चश्मा

शरद ठाकुर लखनऊ के पुराने चौक मोहल्ले में एक लाल-ईंटों की हवेली है, जिसकी दीवारों पर … बड़े बाबू का चश्माRead more

खामोशियों में तुम्हारा नाम
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खामोशियों में तुम्हारा नाम

आर्या वर्मा स्टेशन की उस सुबह सर्दी की हल्की चादर ओढ़े दिल्ली के हज़रत निज़ामुद्दीन स्टेशन … खामोशियों में तुम्हारा नामRead more

वापसी – हवलदार की आत्मा
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वापसी – हवलदार की आत्मा

निरंजन पाठक राजीव शर्मा एक तेज़-तर्रार और तर्कशील पत्रकार था। वह हमेशा से उन कहानियों के … वापसी – हवलदार की आत्माRead more

अंधेरे में हँसी
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अंधेरे में हँसी

अमूलिक त्रिपाठी भाग 1 रतनलाल मिश्र को रिटायर हुए दो साल हो चुके थे, लेकिन मोहल्ले … अंधेरे में हँसीRead more