निहार राठौड़ राजगढ़ स्टेशन पर शाम के पाँच बज चुके थे, लेकिन उस छोटे से प्लेटफ़ॉर्म … कोठी का कमरा नंबर 9Read more
Hindi
आख़िरी प्रयोगशाला
राघव आहूजा साल 2097 का जून महीना था, लेकिन मौसम अब किसी कैलेंडर का पालन नहीं … आख़िरी प्रयोगशालाRead more
वो बारिश की आखिरी बूँद
अन्वी शर्मा मसूरी की वादियाँ उस दिन कुछ ज़्यादा ही ख़ामोश थीं। हल्की बारिश की बूँदें … वो बारिश की आखिरी बूँदRead more
बड़े बाबू का चश्मा
शरद ठाकुर लखनऊ के पुराने चौक मोहल्ले में एक लाल-ईंटों की हवेली है, जिसकी दीवारों पर … बड़े बाबू का चश्माRead more
खामोशियों में तुम्हारा नाम
आर्या वर्मा स्टेशन की उस सुबह सर्दी की हल्की चादर ओढ़े दिल्ली के हज़रत निज़ामुद्दीन स्टेशन … खामोशियों में तुम्हारा नामRead more
सुनसान सड़क
वह रास्ता और वह लड़की चाँदनी रात थी, लेकिन आकाश में बादलों की हल्की परतें तैर … सुनसान सड़कRead more
वापसी – हवलदार की आत्मा
निरंजन पाठक राजीव शर्मा एक तेज़-तर्रार और तर्कशील पत्रकार था। वह हमेशा से उन कहानियों के … वापसी – हवलदार की आत्माRead more
मायानगरी के साए
अर्जुन वर्मा भाग 1 मुंबई की रातों में कुछ अलग ही बात होती है। दिनभर की … मायानगरी के साएRead more
धुएँ का रहस्य
राघवेंद्र मिश्रा १ रात के बारह बजे थे। शहर की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ था। … धुएँ का रहस्यRead more
अंधकार शहर
रिहाना कौर सूरज की छाँव में अंधकार शहर १ जनवरी २०९५, सुबह ८:३० बजे दिल्ली का … अंधकार शहरRead more
काला रहस्य
अभिज्ञान मेहता आगमन गहरी रात थी। झारखंड की पहाड़ियों के बीच बसा बिसराडीह गाँव जैसे नींद … काला रहस्यRead more
अंधेरे में हँसी
अमूलिक त्रिपाठी भाग 1 रतनलाल मिश्र को रिटायर हुए दो साल हो चुके थे, लेकिन मोहल्ले … अंधेरे में हँसीRead more

