सिगरेट के धुएं में एक अधूरी कविता
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सिगरेट के धुएं में एक अधूरी कविता

अन्वी शुक्ला बंद कमरा और अधूरी कविता इलाहाबाद विश्वविद्यालय का हिंदी विभाग, समय की परतों से … सिगरेट के धुएं में एक अधूरी कविताRead more

चाय की टपरी वाला प्यार
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चाय की टपरी वाला प्यार

राजीव कुमार शर्मा १ पुणे की सर्द सुबहें किसी पुराने गीत की तरह होती हैं—धीमी, धुंधभरी … चाय की टपरी वाला प्यारRead more

चाय और वो पुराना स्टेशन
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चाय और वो पुराना स्टेशन

नीलेश राघव स्टेशन वही था—प्लेटफॉर्म नंबर तीन, पुरानी लकड़ी की बेंच, जंग खाया पीला बोर्ड, और … चाय और वो पुराना स्टेशनRead more

रंग तेरे मेरे बीच
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रंग तेरे मेरे बीच

चयनिका श्रीवास्तव जयपुर की पुरानी गलियों में बसे एक शांत मोहल्ले में, हल्के नीले रंग का … रंग तेरे मेरे बीचRead more

वो बारिश की आखिरी बूँद
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वो बारिश की आखिरी बूँद

अन्वी शर्मा मसूरी की वादियाँ उस दिन कुछ ज़्यादा ही ख़ामोश थीं। हल्की बारिश की बूँदें … वो बारिश की आखिरी बूँदRead more

खामोशियों में तुम्हारा नाम
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खामोशियों में तुम्हारा नाम

आर्या वर्मा स्टेशन की उस सुबह सर्दी की हल्की चादर ओढ़े दिल्ली के हज़रत निज़ामुद्दीन स्टेशन … खामोशियों में तुम्हारा नामRead more

तेरे नाम सा कुछ…
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तेरे नाम सा कुछ…

शर्मिष्ठा दीक्षित दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में नए सत्र की चहल-पहल थी। अगस्त की उमस … तेरे नाम सा कुछ…Read more