দ্য চ্যাপলিন প্রজেক্টর
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দ্য চ্যাপলিন প্রজেক্টর

সৌরদীপ দত্ত পর্ব ১: আলোয় ভেসে ওঠে সাদা-কালো কলকাতার উত্তর দিকের এক অচেনা লাইব্রেরি—“জ্ঞানসাগর পাঠাগার”—এখন কেউ … দ্য চ্যাপলিন প্রজেক্টরRead more

सिगरेट के धुएं में एक अधूरी कविता
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सिगरेट के धुएं में एक अधूरी कविता

अन्वी शुक्ला बंद कमरा और अधूरी कविता इलाहाबाद विश्वविद्यालय का हिंदी विभाग, समय की परतों से … सिगरेट के धुएं में एक अधूरी कविताRead more

चाय और वो पुराना स्टेशन
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चाय और वो पुराना स्टेशन

नीलेश राघव स्टेशन वही था—प्लेटफॉर्म नंबर तीन, पुरानी लकड़ी की बेंच, जंग खाया पीला बोर्ड, और … चाय और वो पुराना स्टेशनRead more

প্ল্যাটফর্ম নম্বর পাঁচ
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প্ল্যাটফর্ম নম্বর পাঁচ

প্রীতম ১ শিয়ালদহ স্টেশনের বিকেলের চেনা ব্যস্ততা। প্ল্যাটফর্ম নম্বর পাঁচে লোকাল ট্রেন এসে দাঁড়ালে যে শব্দটা … প্ল্যাটফর্ম নম্বর পাঁচRead more