রক্তরেখা
Posted in

রক্তরেখা

অনির্বাণ সেনগুপ্ত ১ রাত দশটা পঁচিশ। হাওড়া স্টেশনের শেষ লোকাল ট্রেনটা বাঁশদ্রোণীর দিকে ছেড়ে গেল। প্ল্যাটফর্ম … রক্তরেখাRead more

कुंभ के मेले में खोया
Posted in

कुंभ के मेले में खोया

अनिरुद्ध त्रिपाठी जनवरी की ठंडी सुबह थी। कुंभ मेले का शोर हर दिशा में गूंज रहा … कुंभ के मेले में खोयाRead more