अयन त्रिपाठी श्रीवास्तव जी की सुबह हमेशा की तरह अख़बार और चाय से शुरू हुई, लेकिन आज कुछ अलग था। अख़बार पढ़ते-पढ़ते उनके कान में पाखी की आवाज़ पड़ी, जो अपने मोबाइल पर कुछ दिखा रही थी – “पापा, देखिए, ऑनलाइन में कितनी सेल लगी है!” पहले तो उन्होंने नज़रअंदाज़ किया, लेकिन जब बेटे चिराग ने भी जोड़ दिया, “पापा, आपको तो नए जूते चाहिए थे ना? ऑनलाइन सस्ते मिल रहे हैं,” तब श्रीवास्तव जी का ध्यान उधर गया। मन में थोड़ा डर और थोड़ी जिज्ञासा – आखिर कैसा होता है ये ऑनलाइन ख़रीदारी का अनुभव? अब तक तो हर…