• Hindi - प्रेतकथा - रहस्य कहानियाँ

    हुसैनाबाद हवेली का रहस्य

    प्रताप श्रीवास्तव १ लखनऊ विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी की सबसे ऊपरी मंज़िल पर, जहाँ किताबों पर धूल की मोटी परत जम चुकी थी, वहीं एक कोने में बैठा था इतिहास विभाग का शोधार्थी विवेक मिश्रा। बाहर बारिश की बूँदें खिड़की की काँच पर थपकी दे रही थीं, लेकिन विवेक की आंखें जमी थीं उस पुराने नक्शे पर जिसे वह पिछले दो घंटे से उलट-पलट कर रहा था। नक्शा 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के समय का था—लखनऊ की गलियाँ, कोठियाँ, और हवेलियाँ उसमें चिन्हित थीं। अचानक उसकी नज़र एक धुँधले से नाम पर पड़ी—”रौशन मंज़िल”। ना किसी इतिहास की किताब में इसका…

  • Hindi - प्रेतकथा - प्रेम कहानियाँ

    पूर्णिमा की रात

    श्रुति चतुर्वेदी अध्याय १: चाँदनी और लोककथा कुमाऊँ की पहाड़ियों में बसा वह छोटा सा गाँव अपनी ठंडी हवाओं, चीड़ के ऊँचे-ऊँचे वृक्षों और सदियों पुरानी लोककथाओं के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध था। बरसों से बुजुर्गों की कहानियों में एक रहस्य जिंदा था—पूर्णिमा की रात एक सफेद साड़ी में लिपटी औरत की परछाईं तालाब की ओर जाती दिखती थी, जिसके होठों पर एक उदास लोकधुन होती थी। गाँव के बच्चों को पालने की कहानियों में, जवानों को चेतावनी के रूप में और बूढ़ों के डरावने अनुभवों में यह परछाईं बार-बार आती थी। कहते थे, जो भी उस गीत के पीछे…