female spirit

  • ছায়ার ভেতর আলো

    ছায়ার ভেতর আলো

    মেঘলা রায় শিমুলডাঙা গ্রামের আকাশ যেন চিরকাল হালকা সীসের রঙে ঢেকে থাকে। গা ছমছমে নীরবতা এখানে শব্দের চেয়েও বেশি জোরালো। সেই নীরবতার বুক চিরে যে ঘরটা মাথা উঁচু করে দাঁড়িয়ে আছে, তার নাম—রায়চৌধুরী বাড়ি। টালির ছাদ ভেঙে পড়েছে অনেকখানি, জানালার পাল্লাগুলো খসে পড়ে আছে মাটিতে, কিন্তু তবুও সে একটা জীবন্ত শরীরের মতো মনে হয়—চুপচাপ শ্বাস…

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  • सांकलों के पीछे

    सांकलों के पीछे

    अर्चित रस्तोगी भाग १ चौक बाज़ार की पुरानी सड़कें जब रात के अंधेरे में चुप हो जाती हैं, तब भी एक जगह है जहाँ हलचल बनी रहती है—चौधरियों की हवेली। लोगों का कहना है कि उस हवेली के भीतर से आधी रात के बाद ज़ंजीरों की खनक सुनाई देती है। कोई कहता है बंधी हुई…

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