सत्ता का खेल
-
सत्ता के साये में
कविता मेहरा भाग १ दिल्ली की सर्द सुबहें हमेशा कुछ छुपाए रखती हैं। कोहरे में लिपटी इमारतें, सड़क किनारे चाय की दुकानों से उठती भाप, और नेताओं की कारों के काफ़िले—इन सबके बीच कुछ ऐसा भी चलता है जो दिखाई नहीं देता, पर असर छोड़ता है। साउथ ब्लॉक के पीछे एक पुरानी बिल्डिंग है—’शंकर निवास’—जहाँ…

