लोककथा पर आधारित हॉरर

  • भूतहिया कुआँ

    भूतहिया कुआँ

    अनामिका चौधरी पटना यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में उस दिन कुछ अजीब सा सन्नाटा था। रीतू ने अपनी डायरी में अंतिम लाइन लिखी—“लोककथाओं में सिर्फ डर नहीं होता, इतिहास भी छिपा होता है।” उसे अगले सप्ताह फील्ड वर्क के लिए सुभाषपुर जाना था—बिहार के बरौनी ज़िले का एक छोटा-सा गाँव, जहाँ आज़ादी से पहले के ज़मींदारों…

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