मानव अधिकार
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कागज़ की दीवारें
दीपक मेहता भाग १ : नोटिस की दीवार सुबह का सूरज अभी ठीक से निकला भी नहीं था कि झुग्गी बस्ती की गलियों में हलचल मच गई। बच्चे स्कूल जाने की तैयारी में थे, औरतें चूल्हे पर चाय रख रही थीं, और आदमी अपने-अपने काम पर निकलने की सोच रहे थे। तभी किसी ने चिल्लाकर…

