भावनाएँ

  • तेरे नाम की ख़ामोशी

    तेरे नाम की ख़ामोशी

    स्मृति चौहान भाग 1 – मुलाक़ात दिल्ली की उस ठंडी सुबह में हवा में हल्की धुंध घुली थी। कनॉट प्लेस की गोलाई पर कॉफ़ी शॉप्स की हलचल धीरे-धीरे बढ़ रही थी। भीड़ के बीच भी आरव को सब कुछ फीका लग रहा था। वह अपने लैपटॉप बैग को कंधे पर टाँगे एक पुरानी किताब की…

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