बैंगलोर_की_कहानी

  • एक रूम, दो दिल

    एक रूम, दो दिल

    दिव्या कपूर १ बैंगलोर की हल्की बारिश वाली उस सुबह रीमा सेन ने एक हाथ में छाता और दूसरे हाथ में एक भारी बैग थामे ऑटो से उतरते ही चैन की सांस ली। कोलकाता से आए हुए उसे कुछ ही दिन हुए थे, लेकिन इस शहर की सड़कों और ट्रैफिक ने पहले ही उसे बता…

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