पंचायतराज
-
माटी में दफन राज
अमिताभ वर्मा १ बघेलपुर गाँव की दोपहरें अक्सर आलस से भरी होती थीं, लेकिन उस दिन हवेली की मिट्टी में जो निकला, उसने पूरे गाँव को एक अनकहे सन्नाटे में डुबो दिया। ठाकुर हवेली, जो पिछले चालीस सालों से वीरान पड़ी थी, अब नई खरीददारी के बाद मरम्मत के लिए खुली थी। मजदूरों का दल…

