न्यायकीकहानी
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काली डायरी
श्रुति चतुर्वेदी १ बनारस की संकरी गलियों में सुबह का उजाला अक्सर धुएँ और धूल में घुला होता है, लेकिन उस दिन ठंड के कुहासे में जो चीज़ सबसे अलग दिखी, वो था—शव। सोनारपुरा की एक टूटी-फूटी हवेली के पीछे कूड़े के ढेर पर मिली थी एक लाश—एक अधेड़ उम्र के आदमी की, जिसकी आँखें…

