दिल्ली की पृष्ठभूमि
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सन्नाटे की दीवारें
कुणाल राठौर एपिसोड 1 : तहखाने की खिड़की रात ढाई बजे दिल्ली की हवा भारी थी। डिफेंस कॉलोनी की पुरानी कोठी—डी-17—के बाहर पुलिस की पीली पट्टी लगी थी। भीतर कदम रखते ही रिपोर्टर नैना त्रिपाठी को महसूस हुआ मानो दीवारें खुद साँस ले रही हों। बरामदे में एक परिचित चेहरा दिखा—राघव मेहरा, क्राइम ब्रांच के…

